हनुमान गुणगान
RAM PAWARA
temple bells
Devotional orchestral bhajan with male vocals; soft harmonium and tabla in the verses
choir-like response lines. Chorus blooms with brass swells
and layered backing chants. Gradual energy rise toward the end
ending on a long held unison note and gentle cymbal wash.
Criado em fev 8, 2026
Letras
[Verse 1]
श्रीगुरु चरण कमल की धूली
मन के दर्पण में मैं उतारूँ
रघुवर के निर्मल पावन किस्से
साँस-साँस में उन्हें पुकारूँ
बुद्धि अल्प
हृदय से झुककर
तेरा ही ध्यान करूँ हर बार
बालक-सा मैं तेरी शरण में
दूर कर दे विकार
संताप
भार
[Chorus]
जय हनुमान
जय हनुमान
ज्ञान
गुण
सेवा का तू धाम
हर संकट में नाम तुम्हारा
बन जाता है मेरा आराम (जय हनुमान)
[Verse 2]
अंजनी के नयन का उजियारा
पवन के स्पर्श से जन्मा वीर
काँधे पर ध्वज
हृदय में सीता-राम
तेरी चाल में अडिग जागा धीर
स्वर्ण-वर्ण-सा तेज चमकता
कुंडल दमकें
केसरिया भाल
दुर्बल तन मन
टूटी आसें
तेरी याद से हो जाएं निहाल
[Chorus]
जय हनुमान
जय हनुमान
ज्ञान
गुण
सेवा का तू धाम
डर की दीवारें टूटें आगे
बस जुबाँ पर रहे तेरा नाम (जय हनुमान)
[Bridge]
थक जाऊँ जब राह में रुककर
तू ही सहारा
तू ही प्रमाण
डगमग मन को थाम के बोलूँ
साथ है मेरे वीर हनुमान (ओ हनुमान)
[Chorus]
जय हनुमान
जय हनुमान
ज्ञान
गुण
सेवा का तू धाम
रग-रग में बस जाएँ तेरे
भक्ति
बल
बुद्धि के मरहम (जय हनुमान)
श्रीगुरु चरण कमल की धूली
मन के दर्पण में मैं उतारूँ
रघुवर के निर्मल पावन किस्से
साँस-साँस में उन्हें पुकारूँ
बुद्धि अल्प
हृदय से झुककर
तेरा ही ध्यान करूँ हर बार
बालक-सा मैं तेरी शरण में
दूर कर दे विकार
संताप
भार
[Chorus]
जय हनुमान
जय हनुमान
ज्ञान
गुण
सेवा का तू धाम
हर संकट में नाम तुम्हारा
बन जाता है मेरा आराम (जय हनुमान)
[Verse 2]
अंजनी के नयन का उजियारा
पवन के स्पर्श से जन्मा वीर
काँधे पर ध्वज
हृदय में सीता-राम
तेरी चाल में अडिग जागा धीर
स्वर्ण-वर्ण-सा तेज चमकता
कुंडल दमकें
केसरिया भाल
दुर्बल तन मन
टूटी आसें
तेरी याद से हो जाएं निहाल
[Chorus]
जय हनुमान
जय हनुमान
ज्ञान
गुण
सेवा का तू धाम
डर की दीवारें टूटें आगे
बस जुबाँ पर रहे तेरा नाम (जय हनुमान)
[Bridge]
थक जाऊँ जब राह में रुककर
तू ही सहारा
तू ही प्रमाण
डगमग मन को थाम के बोलूँ
साथ है मेरे वीर हनुमान (ओ हनुमान)
[Chorus]
जय हनुमान
जय हनुमान
ज्ञान
गुण
सेवा का तू धाम
रग-रग में बस जाएँ तेरे
भक्ति
बल
बुद्धि के मरहम (जय हनुमान)