Ending On A Long Held Unison Note And Gentle Cymbal Wash.
Музыка, Сгенерированная ИИ
Ending On A Long Held Unison Note And Gentle Cymbal Wash. Треки
2 месяца назад
от RAM PAWARA
॥ Doha ॥ श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मन मुकुर सुधारि। बरनउँ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस विकार॥ ॥ चौपाई ॥ जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥ राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥ महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी॥ कंचन बरन बिराज सुवेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा॥ हाथ बज्र औ ध्वज
2 месяца назад
от RAM PAWARA
॥ Doha ॥ श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मन मुकुर सुधारि। बरनउँ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस विकार॥ ॥ चौपाई ॥ जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥ राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥ महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी॥ कंचन बरन बिराज सुवेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा॥ हाथ बज्र औ ध्वज