उठ खड़ा हूँ मैं cover art

Versuri

[Intro]
[low vocal register]
हाँ
सुन
ये कहानी फ़िल्मी नहीं है

[Verse 1]
जेब थी ख़ाली, फिर भी सीना था भरपूर
गाँव की बस से, अब मैं चला फ़ास्ट लेन में दूर
माँ की दुआ, बाप की डाँट, दोनों ने ही रास्ता बनाया
दो रोटी, एक सपना, मैंने खुद को खुद से उठाया

दोस्त बने दुश्मन जब मैंने मेहनत को चुना
पीठ पीछे बोले, मुँह पे बोले "भाई, तू ही सुना"
असली जंग तो दिमाग में थी, सड़क पे बस ट्रेलर
डर के ऊपर डाला स्टेप, अब हर दिन लेवल अप, greater

[Chorus]
उठ खड़ा हूँ मैं
ज़मीन से आसमान तक [gang vocals: उठ खड़ा हूँ मैं]
जो भी था कल तक, आज नहीं वैसा जैसा था
टूटे सपने जोड़ के, पत्थर से भी राह बना
उठ गिरा, फिर उठा
उठ खड़ा हूँ मैं

[Verse 2]
रातों की नींदों को बेच के ये दिन ख़रीदे हैं
स्टेशन पे, कोने में, कलम से मैंने scene लिखे हैं
कर्मों की EMI भरता, future पे down payment
गलियों की यूनिवर्सिटी, डिग्री मेरी "पेशेंस"

हाथ में छाले, पर दिल पे नहीं शिकायत
सिस्टम टेढ़ा सही, पर हिम्मत सीधी, सीधी वारत
"कुछ नहीं होगा तुझसे" – ये सुन के ही भूख लगी
हर ठोकर ने बोला, "चल, अगली बार और सख़्त जमीं"

[Chorus]

[Bridge]
[whispered vocals]
थक गया?
सच बोल, कब तक भागेगा अपने ही डर से
[normal voice, crescendo]
आइने में दुश्मन भी तू, हथियार भी तू
फैसला कर
आज हारता है या आज से शुरू

[Chorus]