हनुमान गुणगान cover art

Letra

[Verse 1]
श्रीगुरु चरण कमल की धूली
मन के दर्पण में मैं उतारूँ
रघुवर के निर्मल पावन किस्से
साँस-साँस में उन्हें पुकारूँ

बुद्धि अल्प
हृदय से झुककर
तेरा ही ध्यान करूँ हर बार
बालक-सा मैं तेरी शरण में
दूर कर दे विकार
संताप
भार

[Chorus]
जय हनुमान
जय हनुमान
ज्ञान
गुण
सेवा का तू धाम
हर संकट में नाम तुम्हारा
बन जाता है मेरा आराम (जय हनुमान)

[Verse 2]
अंजनी के नयन का उजियारा
पवन के स्पर्श से जन्मा वीर
काँधे पर ध्वज
हृदय में सीता-राम
तेरी चाल में अडिग जागा धीर

स्वर्ण-वर्ण-सा तेज चमकता
कुंडल दमकें
केसरिया भाल
दुर्बल तन मन
टूटी आसें
तेरी याद से हो जाएं निहाल

[Chorus]
जय हनुमान
जय हनुमान
ज्ञान
गुण
सेवा का तू धाम
डर की दीवारें टूटें आगे
बस जुबाँ पर रहे तेरा नाम (जय हनुमान)

[Bridge]
थक जाऊँ जब राह में रुककर
तू ही सहारा
तू ही प्रमाण
डगमग मन को थाम के बोलूँ
साथ है मेरे वीर हनुमान (ओ हनुमान)

[Chorus]
जय हनुमान
जय हनुमान
ज्ञान
गुण
सेवा का तू धाम
रग-रग में बस जाएँ तेरे
भक्ति
बल
बुद्धि के मरहम (जय हनुमान)