हर धड़कन में तू ही शंकर
Creada el ene. 26, 2026
Letra
मैं ॐ का सुमिरन करूँ शंकर
मैं निर्भय होकर जियूँ शंकर
असुरों से अब क्या भय होना
जब संग मेरे तू शंकर
[Chorus]
हर धड़कन में तू ही शंकर
हर साँस में तेरी गूँज भरे
कैसे विसरूँ नाम तेरा
तू ही तो मेरे मन में धरे
[Verse 2]
मैंने न माँगा फिर भी पाया
कृपा का अमृत तूने दिया
थामा मेरा डगमग पग भी
अंखियों में विश्वास भरा
[Chorus]
हर धड़कन में तू ही शंकर
हर साँस में तेरी गूँज भरे
कैसे विसरूँ नाम तेरा
तू ही तो मेरे मन में धरे
[Bridge]
जब-जब मन डोले
राह भुलाए
तेरा ही ध्यान मुझे सम्भाले
राख मुझे चरणों की छाया
बस इतना वरदान मिले
[Chorus]
हर धड़कन में तू ही शंकर
हर साँस में तेरी गूँज भरे
कैसे विसरूँ नाम तेरा
तू ही तो मेरे मन में धरे