दूर दरगाह तों cover art

Lyrics

[Verse 1]
कागज़ पर लिखा था तू
हर दुआ की पंक्ति में
थोड़ा सा खामोश भी
नाम तेरा बस्ती में
दरगाह के साए में
थक के जब मैं रुकता हूँ
तेरी तरफ़ उठते हैं
हाथ मेरे हर रोज़ ही

[Chorus]
लेखन में लिखाया तैनू
दूर दरगाह से भी मांगू
जान से बढ़कर तेरी
हर एक चाह संभालूँ
लेखन में लिखाया तैनू
रब से चुरा के भी पाऊँ
दुनिया हारे तो भी
तेरा साथ न जाने दूँ (ओह)

[Verse 2]
दिल में बसाया तुझको
सांसों वाली रातों में
नींदें भी तेरे कंधे पर
सिर रखकर लौटें घर
दिल की तो यही फ़रियाद
धड़कन वाली हर तरंग
तू ही पहली झलक मेरी
तू ही आख़िरी उमंग

[Chorus]
लेखन में लिखाया तैनू
दूर दरगाह से भी मांगू
जान से बढ़कर तेरी
हर एक चाह संभालूँ
लेखन में लिखाया तैनू
रब से चुरा के भी पाऊँ
दुनिया हारे तो भी
तेरा साथ न जाने दूँ (हाँ)

[Bridge]
रातों में जब टूटे तारे
तेरा चेहरा याद आए
हर गिरते से कण में जैसे
तेरी हाँ की गूँज समाए

[Chorus]
लेखन में लिखाया तैनू
दूर दरगाह से भी मांगू
जान से बढ़कर तेरी
हर एक चाह संभालूँ
लेखन में लिखाया तैनू
रब से चुरा के भी पाऊँ
दुनिया हारे तो भी
तेरा साथ न जाने दूँ (ओह-ओह)