श्री हनुमत भक्ति गान
Создано фев 8, 2026
Тексты
जय हनुमान
दयालु दाता
शरण तुम्हारी
नाथ हनुमता (जय राम)
मन में जपेँ श्री राम का नामा
घूमेँ चारों ओर तुम्हारा जागा धामा
[Chorus]
जय जय बजरंग बली
राम दुलारे
संकट हरी
सीता–राम के सेवक तुम
हम पे कर दो कृपा गरिम
जय जय बजरंग बली
भक्तों के तुम अंतर्यामी
राम नाम की दीपक ज्योति
मन में भर दो शुद्ध प्रीति (जय हनुमान)
[Verse 1]
छोटा सा मन
बड़ी थकान
तुम ही सहारा
हे भगवान
पवन–सुत
आकर हाथ बढ़ाओ
भटके पथिक को राह दिखाओ
समुद्र लाँघ
लाए संदेश
सीता मइया का दिया उपदेश
ऐसी तुम्हारी अमर कहानी
सुनके जागे हर दिल में रवानी
[Chorus]
जय जय बजरंग बली
राम दुलारे
संकट हरी
सीता–राम के सेवक तुम
हम पे कर दो कृपा गरिम
जय जय बजरंग बली
भक्तों के तुम अंतर्यामी
राम नाम की दीपक ज्योति
मन में भर दो शुद्ध प्रीति (हे राम)
[Verse 2]
राम लखन के सदा तुम्हारे
भक्तिके चिर उजले तारे
दीन दुखी जब नाम तुम्हारा
लेता है
कटता अँधियारा
सीना तुम्हारा मंदिर-सा लगता
जिसमें राम दरबार बसता
ऐसी भक्ति हमें भी देना
हर श्वास में राम को लेना
[Chorus]
जय जय बजरंग बली
राम दुलारे
संकट हरी
सीता–राम के सेवक तुम
हम पे कर दो कृपा गरिम
जय जय बजरंग बली
भक्तों के तुम अंतर्यामी
राम नाम की दीपक ज्योति
मन में भर दो शुद्ध प्रीति (जय हनुमान, जय राम)