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**🙏 जिसने किया कल्कि ध्यान | यह भजन जीवन बदल देगा 🙏**
**मुखड़ा:**
जिसने किया कल्कि ध्यान,
उसका बदल गया जीवन मान।
दुख-दर्द सारे मिट जाते,
कल्कि नाम है अमृत समान॥
**अंतरा 1:**
कलियुग की इस अँधियारी में,
एक ही दीप जलाए नाम।
टूटे मन को जोड़े पल में,
कल्कि प्रभु का पावन नाम॥
**मुखड़ा दोहराएँ**
**अंतरा 2:**
सच्चे मन से जो भी पुकारे,
खाली ना जाता द्वार से।
भक्ति की राह दिखा देते,
कल्कि प्रभु हर बार से॥
**मुखड़ा दोहराएँ**
**अंतरा 3:**
लोभ-मोह से मुक्त करे वो,
धर्म की डोर थमाए हाथ।
सतयुग का संदेशा लाए,
कल्कि अवतार सदा साथ॥
**मुखड़ा दोहराएँ**
**अंतरा 4:**
नाम सुमिरन जो करे निरंतर,
उस पर रहती कृपा अपार।
जन्म-जन्म के बंधन कटते,
कल्कि करें भव पार॥
**समापन:**
कल्कि-कल्कि जपते जाओ,
मन में प्रेम बसाओ।
जीवन पथ हो जाए पावन,
कल्कि शरण में आओ॥
**मुखड़ा:**
जिसने किया कल्कि ध्यान,
उसका बदल गया जीवन मान।
दुख-दर्द सारे मिट जाते,
कल्कि नाम है अमृत समान॥
**अंतरा 1:**
कलियुग की इस अँधियारी में,
एक ही दीप जलाए नाम।
टूटे मन को जोड़े पल में,
कल्कि प्रभु का पावन नाम॥
**मुखड़ा दोहराएँ**
**अंतरा 2:**
सच्चे मन से जो भी पुकारे,
खाली ना जाता द्वार से।
भक्ति की राह दिखा देते,
कल्कि प्रभु हर बार से॥
**मुखड़ा दोहराएँ**
**अंतरा 3:**
लोभ-मोह से मुक्त करे वो,
धर्म की डोर थमाए हाथ।
सतयुग का संदेशा लाए,
कल्कि अवतार सदा साथ॥
**मुखड़ा दोहराएँ**
**अंतरा 4:**
नाम सुमिरन जो करे निरंतर,
उस पर रहती कृपा अपार।
जन्म-जन्म के बंधन कटते,
कल्कि करें भव पार॥
**समापन:**
कल्कि-कल्कि जपते जाओ,
मन में प्रेम बसाओ।
जीवन पथ हो जाए पावन,
कल्कि शरण में आओ॥