Ishq Ki Dargaah cover art

Lyrics

“इश्क़ की दरगाह”
मुखड़ा
इश्क़ की दरगाह में जब सर झुकाया हमने
ख़ुदा भी मुस्कुरा बैठा, जब तुझे पाया हमने
इश्क़ की दरगाह में जब सर झुकाया हमने
ख़ुदा भी मुस्कुरा बैठा, जब तुझे पाया हमने
अंतरा 1
तेरी आँखों में है काबा, तेरी ज़ुल्फ़ों में अजान
तेरा नाम लबों पे आया, बन गई मेरी पहचान
हर साज़ में तेरा साज़ है, हर ताल में तेरा नाम
तुझसे ही रौशन है दुनिया, तुझसे ही मेरा मुक़ाम
मुखड़ा (दोहराव)
इश्क़ की दरगाह में जब सर झुकाया हमने
ख़ुदा भी मुस्कुरा बैठा, जब तुझे पाया हमने
अंतरा 2
ना फ़क़ीरी का घमंड है, ना बादशाही की चाह
तेरी चौखट पे ही सीख ली, ज़िंदगी की राह
तेरे इश्क़ ने सिखलाया, सब्र का हर एक सबक़
आँसुओं में भी पाया मैंने, हँसने का हक़
समा / तान
दम-दम अल्लाह… दम-दम अल्लाह…
इश्क़… इश्क़… इश्क़…
दम-दम अल्लाह… दम-दम अल्लाह…
तेरा नाम ही मेरी धड़कन…
अंतरा 3
लाख पर्दे हों ज़माने के, हमें क्या फ़र्क़ पड़े
तेरे दीदार की ख़ातिर, सौ क़यामतें भी सहें
मैं मिट जाऊँ तेरे इश्क़ में, यही मेरी दुआ
तेरा होकर ही मुकम्मल, मेरी हर एक दुआ
आख़िरी मुखड़ा
इश्क़ की दरगाह में जब सर झुकाया हमने
ख़ुदा भी मुस्कुरा बैठा, जब तुझे पाया हमने