दिल की दरगाह cover art

가사

[Intro]
तेरी चौखट पे झुका
ये सर मेरा
आज फिर से हो करम
या सरवरा
तेरा दर
तेरा दर
बस तेरा दर
दिल की दरगाह पे तू ही असर

[Verse 1]
मेरी जोड़ि हुई पलकों पे
तेरा ही नाम लिखा है
जो भी सांस चली सीने में
तेरा ही कलमा बिखरा है
दिल का हर ज़ख्म गवाही दे
तेरी तलाश में खोया हूँ
तेरा दीवाना
तेरी राहों में
खुद से भी आगे सोया हूँ

[Chorus]
दिल की दरगाह में तू ही तू है
तेरा ही झूला
तेरा ही सूफ है
या ख्वाजा
या अली
या मौला
तेरे सिवा दिल माने ना कोई और नाम
तेरे सिवा दिल माने ना

[Verse 2]
सूखी आँखों में तेरी यादें
जैसे सजदे में आँसू हों
तेरा बंदा हूँ
मेरे मालिक
मेरे हाथ भी तेरे रूख़ मोड़ें
रातें तेरी गुज़री गिन-गिन
सुबह भी तेरी धुन बोले
मेरे तन मन की हर आहट
तेरा ही किस्सा दोहराए

[Chorus]

[Bridge]
[धीमी तान]
Distance का क्या
तू नज़दीक है
दिल से दिल का ये तअल्लुक़ है
रस्ता लंबा
पर दम तेरे नाम का
एक पुकार में तू हाज़िर है

[Chorus]

[Outro]
तेरी राह पे चलूँ
यूँ ही चलता जाऊँ
जब तलक साँस चले
तेरा दम भर जाऊँ
तेरा हूँ
तेरा था
तेरा ही रहूँगा
या इलाही
तेरे दर से न मुड़ूँगा