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Ishq Hi Ibadat Hai

TaRuN TaRuN

Créé le janv. 7, 2026

Paroles

[Intro: Mukaddama / Alap]

[Verse]
दिल ने जब तेरा नाम लिया,
सजदे खुद-ब-खुद होने लगे…

[Chorus]
इश्क़ ही इबादत है, इश्क़ ही दुआ,
तेरे बिना ये दिल है, सूना सा ख़ुदा।
हर सांस में तेरा ज़िक्र लिखा,
तेरे इश्क़ में ही खुद को पाया…

[Hook]
मौल़ा… मौल़ा…
इश्क़ ने हमको दर तक पहुँचाया…

[Verse 1]
तेरी निगाहों का जो नूर मिला,
अंधेरों में भी उजाला दिखा।
तेरी रहमत की जब बारिश हुई,
पत्थर दिल भी मोती बन गया।

[Chorus]
इश्क़ ही इबादत है, इश्क़ ही दुआ,
तेरे बिना ये दिल है, सूना सा ख़ुदा।

[Verse 2]
ना मंदिर जाना, ना मस्जिद ढूंढी,
तेरे चेहरे में रब को देखा।
तेरी हर एक हँसी के सदक़े,
ज़िंदगी ने सुकून को पहचाना।

[Hook]
दमादम मौल़ा… दमादम मौल़ा…
इश्क़ की लौ में जलता रहा…

[Bridge: Tabla–Sarangi ke sath]
इश्क़ का दरिया गहरा बहुत,
डूबे तो पार उतर जाएं हम।
नाम तेरा ही साँसों में रहे,
मर भी जाएं तो अमर हो जाएं हम।

[Final Chorus]
इश्क़ ही इबादत है, इश्क़ ही दुआ,
तेरे इश्क़ में ही मिल गया ख़ुदा।

[Outro]
इश्क़… इश्क़…
इश्क़ ही ख़ुदा है…